by aditi | Oct 26, 2025 | लाइफस्टाइल
Chhath Puja Kharna 2025: दिवाली जा चुकी है और देशभर में छठ पूजा का त्योहार मनाया जा रहा है। जोहिंदू धर्म में प्रतिदिन प्रत्यक्ष दर्शन देने वाले भगवान सूर्य और षष्ठी यानि छठी मैया की पूजा को समर्पित छठ महापर्व का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व माना गया है। कल कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि पर नहाय-खाय से इस पावन पर्व का शुभारंभ हो चुका है और आज इसके दूसरे दिन यानि खरना पूजन है।
खरना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि है जो कि कल 27 अक्टूबर 2025 को प्रात:काल 06:04 बजे तक रहेगी। देश की राजधानी दिल्ली के समयानुसार आज सूर्योदय प्रात:काल 06:29 बजे और सूर्यास्त सायंकाल 05:41 बजे होगा। ऐसे में छठ पूजा का व्रत रखने वाले व्रती लोग शाम को सूर्यास्त के बाद यानि 05:41 बजे के बाद खरना पूजा कर सकेंगे।

आज के दिन बनती हैं गुड़ की खीर
खरना वाले दिन स्नान-ध्यान करने के बाद छठ पूजा करने वाले व्रती लोग 36 घंटे का निर्जल व्रत प्रारंभ करते हैं। आज पंचमी के दिन व्रती पूरे दिन बगैर कुछ खाए पिये रहते हैं और शाम के समय स्नान-ध्यान दोबारा करके तन और मन से पवित्र होते हैं। इसके बाद अपने पूजा स्थल को साफ करके मिट्टी के नए चूल्हे पर भोग की सामग्री बनाई जाती है।
आज के दिन स्नान करने के बाद नये कपड़े पहनकर भोग बनाने की परंपरा है। छठी मैया को भोग लगाने के लिए दूध की खीर और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है। अत्यंत ही पवित्रता के साथ बनाए जाने वाली भोग प्रसाद में चीनी या नमक का प्रयोग नहीं किया जाता है। इस पूजा में मुख्य रूप से गुड़ की खीर (रसियाव) और पूरी या रोटी प्रसाद के रूप में बनाई जाती है।
छठ लोकगीत
छठ पूजा का हर दृश्य भक्ति से सराबोर होता है। व्रती जब प्रसाद तैयार करती हैं, तो लोकगीतों की गूंज पूरे घर-आंगन में फैल जाती है। पूजा में सिंदूर, चावल, बांस की टोकरी, दीपक, नारियल, शकरकंद, पान, गंगाजल, और ठेकुआ जैसे पारंपरिक प्रसाद का खास महत्व होता है। छठ के मौके पर हर किसी के घर में ये गाने बज रहे हैं। “अंगना में पोखरी खुदाईब”, “छठ घाट पे आईल बानी”, और “छठी मइया के महिमा अपार” जैसे गीतों पर लोग श्रद्धा के साथ वीडियो बना रहे हैं।